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2017/02/17

समय प्रबंधन - टाइम मैनेजमेंट - Time Management - उपयुक्त प्रणाली - 5

समय प्रबंधन - उपयुक्त प्रणाली अथवा सिस्टम

समय प्रबंधन - उपयुक्त प्रणाली

अपनी हरेक मिनट की योजना बनाने से आप दस मिनट तक का निष्पादन समय बचा लेते हैं। समय बचाने और लक्ष्यों को प्राप्त करने का सबसे अच्छा तरीका उन्हें ठीक से प्राथमिकता देना है। यहाँ आप 80/20 नियम के बारे में जानेंगे, समय प्रबंधन में यह कैसे और क्यों सफल होता है, और आप काम और घर में इसे लागू कैसे कर सकते हैं।

समय प्रबंधन के लिए 80/20 नियम

80/20 नियम को परेटो नियम के रूप में भी जाना जाता है। यह परफॉरमेंस यानि प्रदर्शन को निर्धारित करने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाल एक सामान्य अनुपात है। समय प्रबंधन के लिए इस नियम के अनुसार आपका 80% लाभ आपके खर्च किये गये 20% समय में से आता है। कोई भी व्यक्ति हर समय 100% उत्पादक नहीं हो सकता है। आपके पास दिन के दौरान काफी उत्पादक घंटे होंगे, और कई बार आप बिलकुल भी उत्पादक नहीं होंगे।
 

परेटो नियमइसका मतलब यह भी है कि आपको 80% पर रुक जाना चाहिए। हम बहुत सा समय विवरण की कांट-छांट में लगा देते हैं वास्तव में जिसकी इस प्रोजेक्ट में आवश्यकता नहीं है, जैसे यह सुनिश्चित करना कि कोई चार्ट खास तरह से दिख रहा है या एक फोटो सही तरीके से नहीं रखी है। कभी-कभी हम काम से अपने कदम वापस खींच लेते हैं और समय बचाने के लिए खुद को "शाबासी" देते हैं। यह गुणवत्ता का त्याग नहीं है, इसका मतलब आपकी उन उम्मीदों का त्याग है जो आपको अपने खुद के काम से हो सकती है, और यह प्रोजेक्ट को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए आवश्यक नहीं है।

80/20 नियम लागू करें
दिन में आपका सबसे उत्पादक समय कौन सा है उसे पहचानें और उसके अनुसार अपना काम निर्धारित करते हुए 80/20 का नियम लागू करें।

समय प्रबंधन के लिए समय आबंटन

समय प्रबंधन के लिए अपनी प्राथमिकताओं को लिखने के बाद अपने कैलेंडर के टाइम स्लॉट में उन्हें जगह दें। इसे "समय आबंटन" कहा जाता है, सूची को बनाते हुए अनुशासन के साथ इसका नियमित रूप से अभ्यास करें। आपको इसमें प्रवीणता पाने के लिए परिश्रमपूर्वक समय आबंटन का अभ्यास करने की जरूरत है।

कैलेंडर डिवाइड करें

समय प्रबंधन में समय आबंटन के लिए पहला कदम है 15-30 मिनट के अंतराल में अपने दैनिक कैलेंडर को विभाजित करना। छोटे अंतराल से निपटना आपकी अपनी उत्पादकता बढ़ाने के लिए और बड़े कार्य का प्रबंधन करने में मदद करता है। निजी समय और कार्य समय में अपना दिन विभाजित करें।

छोटे-छोटे टुकड़ों में अपने कार्य चालू करें

सप्ताहांत सहित पूरे समय के लिए एक कार्य-सूची बनाएं। अपने बड़े कार्यों को छोटे अंतराल में विभाजित करें। उदाहरण के लिए, चार घंटे तक एक लेख लिखना अपने आप में कोई कार्य नहीं होगा। आपको इसे टुकड़ों में बांटते हुए अनुसंधान के लिए एक घंटा, एक घंटा पहला ड्राफ्ट लिखने के लिए, एक घंटा संपादन के लिए और एक घंटा फलेक्स टाइम, अगर प्रत्येक आइटम में एक घंटे से ज्यादा समय लग जाए।

व्यक्तिगत गतिविधियों को शेड्यूल करें

व्यक्तिगत गतिविधियों के लिए समय आबंटन अवश्य सुनिश्चित करें। यह आपके काम के समय के साथ साथ आपके व्यक्तिगत समय के मूल्य के लिए महत्वपूर्ण है। वास्तव में ऐसा करने का सबसे अच्छा तरीका है इसे शेड्यूल करना।

अपनी व्यक्तिगत गतिविधियों की सूची बनाएं

दैनिक रूटीन की गतिविधियों को लिखें
सामान्य गतिविधियों के नीचे संक्षेप में लिख दें जैसे: परिवार के साथ रात का खाना या खेल गतिविधियों में भाग लेना। नियमित गतिविधियों को अन्यथा न लें। सबके लिए समय आबंटन करें।

निजी प्राथमिकताएँ
निजी प्राथमिकताओं को लिख लें, जो आपकी दिनचर्या में शामिल नहीं है। इसमें अपने फिटनेस स्तर में वृद्धि करना, वजन कम करना या अपने परिवार के साथ अधिक समय बिताना भी शामिल किया जा सकता है।

चालू मासिक गतिविधियां
ऐसी गतिविधियों का एक नोट बनाएं जो आपकी रूटीन में नहीं है, लेकिन जिसे आप 15 से 20 दिनों में करते हैं। बागवानी, रिश्तेदारों से मिलना, गाडी का रखरखाव और वित्तीय नियोजन आदि इस श्रेणी में गिने जाते हैं।


समय प्रबंधन - टाइम मैनेजमेंट - Time Management - 4

2017/02/13

समय प्रबंधन - टाइम मैनेजमेंट - Time Management - 2



समय का सम्मान करें


समय हमारी सभी संपत्तियों में से सबसे मूल्यवान होने के साथ साथ सबसे नाशवान भी है। समय नि:शुल्क लेकिन अनमोल है। आप इसके मालिक नहीं बन सकते, लेकिन आप इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। आप इसे रख नहीं सकते, लेकिन आप इसे खर्च कर सकते हैं। एक बार जब आपने इसे खो दिया तो यह कभी वापस नहीं आ सकता।

सफल समय प्रबंधक बेझिझक समय का सम्मान करते हैं। इसका अर्थ है अपनी सीमाओं को जानना, कि आप समय की एक निर्धारित अवधि के भीतर क्या कर सकते हैं। अगर आपके पास समय की एक निर्धारित अवधि के भीतर पूरा करने के लिए बहुत ज्यादा कार्य हैं, तो आपकी गुणवत्ता उन कार्यों में प्रभावित हो सकती है, और आप अपने समय का सम्मान नहीं कर पाते हैं। आप प्रत्येक कार्य के लिए योजना बना कर, उचित रूप से समय देकर समय का सम्मान करते हैं, और रुकावटों या विलंब के साथ समय बर्बाद नहीं करते।


समय पैसा है

अगर समय के साथ कोई मौद्रिक मूल्य नहीं जुड़ा है, तो क्या आप अलग तरह से अपने समय के बारे में सोचते हैं? गणना करने के लिए नीचे दिए सूत्र का उपयोग करें:

मूल्य आकलन:

 1.5 x वार्षिक वेतन/ प्रति वर्ष कार्य घंटे = लागत प्रति घंटे
लागत प्रति घंटे/60 = लागत प्रति मिनट
प्रति दिन 24 घंटे X प्रति घंटे 60 मिनट X प्रति मिनट 60 सेकंड = 86,400 सेकंड

कल्पना करें: 

हर दिन आपका बैंक आपके खाते में सेकंड के रूप में 86,400 रूपये जमा करता है। एक शर्त है कि आपको पूरी राशि दिन के अंत तक खर्च करना जरूरी है। आप राशि को आगे नहीं ले जा सकते। आप क्या करेंगे? आप इस पैसे को कैसे खर्च करेंगे? अगर आप अपने समय के बारे में इस तरह सोचें, तो शायद आप इसके प्रबंधन में अधिक कुशल हो जाएंगे और अलग तरीके से प्राथमिकता देंगे।

आपके अनुसार निम्नलिखित कथनों में कौन से सही हैं?


क. समय बहुमूल्य है। अगर आप अपने समय का सम्मान करेंगे तो लक्ष्यों को प्राप्त करने में सक्षम होंगे।
ख. समय का सम्मान समय प्रबंधन यानि टाइम मैनेजमेंट को समझने का पहला कदम है।
ग. समय मूल्यवान है, आप अगर समझदारी से इसका उपयोग करते हैं, आप लक्ष्य को प्राप्त करने में सक्षम होंगे।
घ. समय मूल्यवान है, आप अगर समझदारी से इसका उपयोग नहीं करते हैं, आप लक्ष्य को प्राप्त करने में सक्षम होंगे।

लचीलापन

किसी विद्वान् दार्शनिक ने कहा है कि अपने फैसले के लिए प्रतिबद्ध रहें, लेकिन अपने दृष्टिकोण में लचीलापन रखें।
अगर आप अपने कार्य दिवस के समय में लचीलापन रखते हैं, तो अंतिम क्षणों में किसी काम की योजना बनाने के लिए जगह दे पाएंगे। केवल अपने दिन में अतिरिक्त कार्य जोड़ने के लिए सहमत होना ही लचीलापन नहीं है, अपितु सुनिश्चित करना कि आप चीजों को अपने कार्यक्रम से हटाने की भी योजना बना सकें।

अपने साथ अतिरिक्त समय रखने के तरीके
  • दिन की कार्य सूची में 30 मिनट अलग रखें
अंतिम-क्षणों में किसी भी कार्य को समय देने के लिए आप यह समय उपयोग कर सकते हैं, जो अन्यथा आपके शेड्यूल में कटौती करेगा।
  • अपने कार्यक्रम को भरे नहीं
अपने कार्यक्रम को बहुत सारी चीजों से भरना विफल होने के लिए योजना बनाना है। प्रत्येक कार्य को जरूरी समय देना योजना को सफल बनाना है।
  • अपने ब्रेक की योजना बनाएं
लंच और फिटनेस क्लासों जैसी कुछ चीजें अपने कार्यक्रम में शामिल करें। अगर आपके प्रोजेक्ट में आपको आवश्यकता हो तो यह आपको कुछ अतिरिक्त समय देता है, और आपको तरोताजा और स्वस्थ रखता है।
  • सक्रिय प्रोजेक्ट
यदि आप जानते हैं कि आपके पास कभी भी कोई प्रोजेक्ट आ सकता है, तो अपने ग्राहकों या सहयोगियों से पता करें कि इसके आने की उम्मीद कब तक है। इस तरह से कोई प्रोजेक्ट अंतिम क्षणों में आपके उपर नहीं आएगा और आपके पास इसके लिए निर्धारित किया हुआ आवश्यक समय उपलब्ध होगा।

2017/02/12

समय प्रबंधन - टाइम मैनेजमेंट - Time Management


समय प्रबंधन - टाइम मैनेजमेंट - Time Management 




आप हमेशा समय के पीछे भागते हैं या आप इसका पूरा उपयोग करने में सक्षम हैं? क्या आप कार्यसूची बनाते हैं? क्या आप अपने समय की योजना बनाते हैं और प्राथमिकताओं पर ध्यान केंद्रित करते हैं?

समय हमारे सबसे जरुरी संसाधनों में से एक है और इसका सर्वोत्तम उपयोग आपके उपर निर्भर करता है। अपने कैरियर, नौकरी या व्यक्तिगत मामलों में बेहतर प्रदर्शन काफी हद तक आपके समय प्रबंधन यानि टाइम मैनेजमेंट के गुणों पर निर्भर करता है।

समय बचत कौशल यानि टाइम सेविंग स्किल्स, आम समय खराब करने वाले कारक जो आपकी उत्पादकता को बर्बाद कर सकते हैं, और घर तथा काम पर कुशलता से अपना समय प्रबंधन कैसे कर सकते हैं यह लेख आपको इन जरुरी तथ्यों के बारे में जानने और सीखने में मदद करेगा।

समय प्रबंधन यानि टाइम मैनेजमेंट

विलियम शेक्सपियर ने कहा है, “एक मिनट भी देरी करने से बेहतर है तीन घंटे पहले कर लेना।”

वास्तव में समय प्रबंधन यानि टाइम मैनेजमेंट अपने समय का कुशलता से सही उपयोग करने का अभ्यास है। आप अनुशासन और शेड्यूलिंग का उपयोग समय प्रबंधन और उत्पादकता बढ़ाने में मदद के लिए कर सकते हैं। शेड्यूलिंग में एक प्रकार का कार्य आयोजन शामिल रहता है जो आपको उन्हें कुशलता से पूरा करने में मदद करता है। रुकावटों को कम करने और सफल होने की योजना द्वारा समय पर कार्य पूरा करने के लिए अपने आप को प्रशिक्षण देना ही अनुशासन है। अपने समय का अच्छी तरह से प्रबंधन करने के लिए, आपको प्राथमिकताएं, लक्ष्यों को तय करने और स्वयं तथा अपने काम के प्रबंधन की जरूरत है। समय का प्रभावी उपयोग आपके जीवन को तनावरहित बनाता है, और आपके पसंदीदा कार्य के लिए अधिक समय बचा सकता है।

समय प्रबंधन यानि टाइम मैनेजमेंट के लाभ

जैसे ही आप समय पर महारत हासिल कर लेते हैं, तो आप पाएंगे कि बहुत से लोग एक वर्ष में वे क्या हासिल करेंगे, इसका सही आकलन नहीं कर पाते हैं! जीवन में हमेशा कुछ बिन्दुओं पर आप खुद को हारा हुआ और व्यस्त महसूस करते हैं। काम, परिवार और अन्य दायित्व आपके सीमित समय और ध्यान पाने के लिए मुकाबला करते हैं। अनुशासन और उचित समय प्रबंधन तकनीकों के उपयोग से, आपका जीवन और काम अधिक प्रबंधनीय और कुशल हो सकता है। समय के उचित प्रबंधन के कुछ निश्चित लाभ निम्न हैं:

समय प्रबंधन यानि टाइम मैनेजमेंट के लाभ

  • उत्पादकता में वृद्धि 
ज्यादा काम करने का मतलब आपके पास उपलब्ध समय में अधिक पैसे कमाने की क्षमता है।
  • कम तनाव
कम तनाव बेहतर काम/जीवन संतुलन प्रदान करता है।
  • आपकी प्राथमिकताओं पर स्पष्टता
जब आपके पास एक तय सिस्टम हो, आपकी प्राथमिकताएं क्या हैं, यह बताना आसान है।
  • अपना जीवन जीने के लिए और ज्यादा समय
अच्छी नींद, सही खाने और नियमित व्यायाम के लिए अधिक समय मिलता है
  • लक्ष्य प्राप्त करना
जो भी आपने निश्चित किया हो उसे पूरा करने से बेहतर कोई अहसास नहीं है।

2017/01/31

योग एवं आयुर्वेद - कुछ उपयोगी तथ्य



मोटापा एवं वजन कम करना (Obesity & Weight Loss)
थाइरोइड असंतुलन, कार्बोहाइड्रेट, वसायुक्त भोजन, फास्टफूड का अधिक सेवन मोटापे के प्रमुख कारणों में शामिल हैं।
  • मोटापा घटाने के लिए भस्रिका, कपालभाति, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी, उद्गीत जैसे प्राणायामों का कम से कम 30 मिनट तक नियमित रूप से अभ्यास करना चाहिए
  • योगिक जॉगिंग एवं सूर्य नमस्कार नियमित रूप से करें
  • उज्जाई प्राणायाम अवश्य करें
  • अश्वगंधा चूर्ण या इसके तीन पत्ते मरोड़ कर दिन में 2 से 3 बार सेवन करें  
  • आहार पर नियंत्रण रखें, कार्बोहाइड्रेट, चीनी एवं इससे निर्मित खाद्य पदार्थों पर नियंत्रण रखें
  • गोमूत्र अर्क, गर्म जल का सेवन करें

वजन कम होना (Under-weight)
थाइरोइड असंतुलन, अनियमित, अनुपयुक्त एवं अपर्याप्त आहार के कारण भी वजन कम रहता है। विशेष तौर पर कई युवक-युवतियों में वजन कम होने के कारण हीनभावना रहती है।

  • वजन का संतुलन सही करने के लिए भस्रिका, कपालभाति, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी, उद्गीत जैसे प्राणायामों का कम से कम 30 मिनट तक नियमित रूप से अभ्यास करना चाहिए
  • योगिक जॉगिंग एवं सूर्य नमस्कार नियमित रूप से करें
  • उज्जाई प्राणायाम अवश्य करें
  • केला, खजूर, दूध, अश्वगंधा, सफेद मुस्ली, शतावर, शिलाजीत, च्यवनप्राश जैसी औषधियों का नियमित रूप से सेवन करें

उच्च रक्तचाप (Hypertension or High Blood Pressure)
सामान्य तौर पर पुरुषों में महिलाओं के मुकाबले में अधिक पाया जाता है। मोटे लोगों में इसकी संभावना अधिक प्रबल रहती है। उच्च रक्तचाप के सबसे सामान्य उपचारों में शामिल हैं:
  • नियमित रूप से कपालभाति, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी, उद्गीत जैसे प्राणायामों को सामान्य गति के साथ करना चाहिए
  • लौकी के जूस का सेवन करें जो कडवा न हो, उसमें आप नीम्बू का रस तथा पुदीना भी मिला सकते हैं

निम्न रक्तचाप (Hypotension or Low Blood Pressure)
सामान्य तौर पर पुरुषों के मुकाबले में महिलाओं में अधिक पाया जाता है। कमजोर अथवा दुर्बल, अनुवांशिक, और कमजोर मन वाले लोगों में इसकी संभावना अधिक प्रबल रहती है। निम्न रक्तचाप के सबसे सामान्य उपचारों में शामिल हैं:

  • नियमित रूप से योगाभ्यास, प्राणायाम करना चाहिए
  • दाएं नाक से श्वास भर कर कुछ देर रोकें और बाएं नाक से निकालें
  • अश्वगंधा चूर्ण, खजूर, केला आदि का नियमित सेवन करें  

शारीरिक व मानसिक विकलांगता
  • भस्रिका, कपालभाति, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी, उद्गीत जैसे प्रत्येक प्राणायामों को धीरे-धीरे कम से कम 5 मिनट तक नियमित रूप से करना चाहिए
  • बादाम, अखरोट का उपयोग करें

मस्कुलर डिस्ट्रोफी
  • भ्रामरी, उद्गीत, भस्रिका, कपालभाति, अनुलोम-विलोम जैसे प्रत्येक प्राणायामों को धीरे-धीरे कम से कम 5 मिनट तक नियमित रूप से करना चाहिए
  • गिलोय का सेवन करें

पीसीओडी यानि पोलीसिस्टिक ओवरी डिजीज
  • भस्रिका, कपालभाति, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी, उद्गीत जैसे प्राणायामों को कम से कम 15 मिनट तक नियमित रूप से करना चाहिए

खून की कमी

भारत के अनेक राज्यों में यह समस्या 50% से अधिक महिलाओं में होती है, अपर्याप्त भोजन, फास्टफूड इसके कारणों में शामिल है। अनियमित व अधिक मासिक स्राव भी महिलाओं में रक्त की कमी का एक मुख्य कारण रहता है।

  • कपालभाति, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी, उद्गीत, भस्रिका, जैसे प्राणायामों को कम से कम 15 मिनट तक नियमित रूप से करना चाहिए
  • मिला जुला यानि मिश्रित अनाज खायें जैसे गेंहूँ, सोयाबीन, बाजरा, ज्वार, रागी आदि
  • केला, अमरुद, मुनक्का, अंजीर, आंवला/एलोवेरा का सेवन करें

शरीर में गाँठ
  • शरीर में किसी भी तरह की गाँठ होने पर भस्रिका, कपालभाति, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी, उद्गीत जैसे प्राणायामों को कम से कम 30 मिनट तक नियमित रूप से करना चाहिए
  • ज्यादा गाँठ होने पर गोमूत्र अर्क, हल्दी का उपयोग तीन से छह महीने तक किया जा सकता है
* कृपया इन उपायों के अलावा अपने नजदीकी विशेषज्ञों से चिकित्सीय परामर्श अवश्य कर लें