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2017/02/12

समय प्रबंधन - टाइम मैनेजमेंट - Time Management


समय प्रबंधन - टाइम मैनेजमेंट - Time Management 




आप हमेशा समय के पीछे भागते हैं या आप इसका पूरा उपयोग करने में सक्षम हैं? क्या आप कार्यसूची बनाते हैं? क्या आप अपने समय की योजना बनाते हैं और प्राथमिकताओं पर ध्यान केंद्रित करते हैं?

समय हमारे सबसे जरुरी संसाधनों में से एक है और इसका सर्वोत्तम उपयोग आपके उपर निर्भर करता है। अपने कैरियर, नौकरी या व्यक्तिगत मामलों में बेहतर प्रदर्शन काफी हद तक आपके समय प्रबंधन यानि टाइम मैनेजमेंट के गुणों पर निर्भर करता है।

समय बचत कौशल यानि टाइम सेविंग स्किल्स, आम समय खराब करने वाले कारक जो आपकी उत्पादकता को बर्बाद कर सकते हैं, और घर तथा काम पर कुशलता से अपना समय प्रबंधन कैसे कर सकते हैं यह लेख आपको इन जरुरी तथ्यों के बारे में जानने और सीखने में मदद करेगा।

समय प्रबंधन यानि टाइम मैनेजमेंट

विलियम शेक्सपियर ने कहा है, “एक मिनट भी देरी करने से बेहतर है तीन घंटे पहले कर लेना।”

वास्तव में समय प्रबंधन यानि टाइम मैनेजमेंट अपने समय का कुशलता से सही उपयोग करने का अभ्यास है। आप अनुशासन और शेड्यूलिंग का उपयोग समय प्रबंधन और उत्पादकता बढ़ाने में मदद के लिए कर सकते हैं। शेड्यूलिंग में एक प्रकार का कार्य आयोजन शामिल रहता है जो आपको उन्हें कुशलता से पूरा करने में मदद करता है। रुकावटों को कम करने और सफल होने की योजना द्वारा समय पर कार्य पूरा करने के लिए अपने आप को प्रशिक्षण देना ही अनुशासन है। अपने समय का अच्छी तरह से प्रबंधन करने के लिए, आपको प्राथमिकताएं, लक्ष्यों को तय करने और स्वयं तथा अपने काम के प्रबंधन की जरूरत है। समय का प्रभावी उपयोग आपके जीवन को तनावरहित बनाता है, और आपके पसंदीदा कार्य के लिए अधिक समय बचा सकता है।

समय प्रबंधन यानि टाइम मैनेजमेंट के लाभ

जैसे ही आप समय पर महारत हासिल कर लेते हैं, तो आप पाएंगे कि बहुत से लोग एक वर्ष में वे क्या हासिल करेंगे, इसका सही आकलन नहीं कर पाते हैं! जीवन में हमेशा कुछ बिन्दुओं पर आप खुद को हारा हुआ और व्यस्त महसूस करते हैं। काम, परिवार और अन्य दायित्व आपके सीमित समय और ध्यान पाने के लिए मुकाबला करते हैं। अनुशासन और उचित समय प्रबंधन तकनीकों के उपयोग से, आपका जीवन और काम अधिक प्रबंधनीय और कुशल हो सकता है। समय के उचित प्रबंधन के कुछ निश्चित लाभ निम्न हैं:

समय प्रबंधन यानि टाइम मैनेजमेंट के लाभ

  • उत्पादकता में वृद्धि 
ज्यादा काम करने का मतलब आपके पास उपलब्ध समय में अधिक पैसे कमाने की क्षमता है।
  • कम तनाव
कम तनाव बेहतर काम/जीवन संतुलन प्रदान करता है।
  • आपकी प्राथमिकताओं पर स्पष्टता
जब आपके पास एक तय सिस्टम हो, आपकी प्राथमिकताएं क्या हैं, यह बताना आसान है।
  • अपना जीवन जीने के लिए और ज्यादा समय
अच्छी नींद, सही खाने और नियमित व्यायाम के लिए अधिक समय मिलता है
  • लक्ष्य प्राप्त करना
जो भी आपने निश्चित किया हो उसे पूरा करने से बेहतर कोई अहसास नहीं है।

2017/01/31

नानी के नुस्खे


एसिडिटी यानि अम्लता


इसमें पेट की जलन सहित दर्द तथा अम्लीय सामग्री के प्रत्यावहन की अनुभूति होती है।

उपचार
  • बड़ा चम्मच धनिया पत्ती का रस और एक छोटा चम्मच ताजा अदरक दिन में 2-3 बार लिया जा सकता है।
  • सुबह एक कप दूध के साथ पका हुआ केला मसल कर खाने से हृदय दाह और पेट के अल्सर पर उपयुक्त प्रभाव पड़ता है।
  • एक चुटकी सेंधा नमक मिला हुआ ताजा संतरे का रस आधा कप पीने से तत्काल राहत मिलती है, लेकिन यह भोजन के बाद नहीं लेना चाहिए।

मुहाँसे

बालों के रोम के आधार पर मौजूद तेल ग्रंथियों में रुकावट के कारण मुहाँसे उत्पन्न होते हैं।


उपचार
  • ताजा छाछ के साथ त्वचा को धोने, और फिर गर्म पानी से अच्छी तरह से साफ करने से त्वचा का पीएच संतुलन बना रहता है।
  • बेसन और आधा चम्मच हल्दी के साथ किए गए फेसपैक का वैकल्पिक दिनों में उपयोग किया जा सकता है।
  • संतरे के सूखे छिलके, भिगोकर नम करने और फिर त्वचा पर धीरे-धीरे रगड़ने से परिसंचरण सक्रिय होता है और हाथ धोने के आदर्श साधन के तौर पर सूखी पपड़ी से मुक्ति दिलाते हैं।

दाग


अत्यधिक घर्षण, तीव्र गर्मी, रसायन, बिजली या विकिरण द्वारा त्वचा के उत्तकों को हुए नुकसान के फलस्वरूप दाग उत्पन्न होते हैं।

उपचार
  • प्रभावित क्षेत्र को 5-10 मिनट के लिए गुनगुने या थोड़े ठंडे पानी में डुबो कर रखें। यह गर्मी कम करता है और दर्द से राहत मिलती है।
  • लाली होने पर बरगद के पेड़ की नरम, कोमल पत्तियों को पीस कर लगाएँ। लौंग और शहद से बना मरहम संक्रमण से बचाता है।
  • यदि आसपास की त्वचा से रंग भिन्न है, तो शहद अपने प्राकृतिक एंजाइमों द्वारा परतों और मेलेनिन उत्पादक कोशिकाओं को पुनर्जीवित करने में फायदेमंद हो सकता है।

जूँ

जूँ सूक्ष्म परजीवी हैं जो खोपड़ी, धड़, कांख या गुप्त अंगों पर हमला करते हैं।

उपचार
  • जूँ के लिए सबसे अच्छा उपाय नीम की पत्ती है। मुट्ठी भर नीम की पत्तियों का लेप बनाएँ और अल्प मात्रा में नारियल के तेल से सिर की त्वचा पर लगाएँ। रात भर लगाकर छोड़ दें और सुबह धो लें। इसे 2-3 बार दोहराएँ।
  • शरीफा बीज सुखाने के बाद पीसकर, चूर्ण को नारियल के तेल में मिला कर सिर की त्वचा पर लगाया जा सकता है। 2-3 घंटे के लिए छोड़ दें और उसके बाद धो लें।

फटी ऐडियाँ

दर्दनाक घाव त्वचा पर लगातार संपर्क में पड़ने वाले दबाव और घर्षण के कारण पैदा होते हैं।

उपचार
  • स्नान करते समय झांवां या खुरदरे कपड़े द्वारा धीरे धीरे रगड़ें। यह सूखी मृत त्वचा, धूल और जमी हुई मैल को हटा देती है।
  • अखरोट के मिश्रण सहित शैंपू या साबुन मिले गर्म पानी से भरे बर्तन में पैर भिगोएँ। पैरों को अच्छी तरह से सुखाकर तेल से मालिश करें।
  • नींबू के कटे छिलके, कच्चे टमाटर या ताजा अनानास का लेप करने से गोखरू या सख्त त्वचा को नरम करने में मदद मिलती है।

मूत्र संबंधी शिकायतें

मूत्र मार्ग में संक्रमण के मूल में अक्सर बैक्टीरिया होते हैं और ज्यादातर लड़कियों एवं महिलाओं में गुदा मूत्रमार्ग के नजदीक होने के कारण होते हैं।

उपचार
  • गुर्दे साफ रखने के लिए खूब पानी पिएँ तथा 2-3 बार कच्चे नारियल पानी का प्रतिदिन सेवन करें।
  • ताजा गाजर के आधा कप रस का दिन में तीन बार सेवन करें।
  • हर सुबह 8-10 जामुन फल खाने से मार्ग संक्रमण मुक्त रहता है।

उच्च रक्तचाप

सामान्य से ऊपर रक्तचाप वृद्धि को उच्च रक्तचाप के रूप में जाना जाता है।

उपचार
  • सुबह गर्म पानी और शहद के साथ ताजा नींबू का रस एक महत्वपूर्ण उपाय है।
  • शहद युक्त आंवला, सुबह लेने से और सूखे पाउडर का आधा चम्मच सोते समय लेना लाभकारी होता है।
  • तुलसी के पौधों की जड़ों का चूर्ण बना, अच्छी तरह छानकर शहद के साथ दिन में 2 बार सेवन करने से लाभ मिलता है।